Maharashtra State Board · HSC Commerce · Class 12 (Std XII)
Class 12 Hindi Chapter 12: लोकगीत (सुनु रे सखिया, कजरी)
Lokgeet · Short notes, key concepts, quick revision and practice MCQs with answers
पहले लोकगीत 'सुनु रे सखिया' में नायिका सखियों को वसंत के आगमन पर प्रकृति के खिल उठने का वर्णन सुनाती है, पर प्रिय के पास न होने से यह सौंदर्य उसे बबूल के काँटों जैसा चुभता है। दूसरे लोकगीत 'कजरी' में सावन की रिमझिम, बादल, बिजली, दादुर-मोर-पपीहे की बोली और उमड़ती नदियों से भरे मनभावन वातावरण का चित्र है।
Key concepts: लोकगीत (सुनु रे सखिया, कजरी)
- लोकगीत विधा
- पद, दोहा, चौपाई आदि छंदों में रचित; गेयता प्रमुख; आम लोगों के त्योहारों से जुड़े; परंपरा से पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते; लोक संस्कृति के संरक्षक; ग्रामीण बोली, सरल शब्द, ग्रामीण प्रतीक और बिंब।
- लोकगीतों के प्रकार
- कजरी, सोहर, बन्ना-बन्नी आदि।
- सुनु रे सखिया: वसंत
- सरसों सरसाई, अलसी अलसाई, धरती हरसाई, कली-कली मुस्काई; खेत और मन इंद्रधनुष से रँग गए; भौंरे दौड़ आए।
- वियोग का स्वर
- प्रिय के बिना आँख का काजल चुभता है, सेज काँटों जैसी, आँसू आँचल भिगोते हैं: 'पिया बो गये बबूल के फूल रे।'
- कजरी: सावन
- 'सावन आइ गये मनभावन, बदरा घिर-घिर आवै ना!' बादल गरजते, बिजली चमकती, पुरवैया चलती, रिमझिम मेघ धरती को नहलाते हैं।
- सावन का उल्लास
- दादुर, मोर, पपीहा बोलकर मन हुलसाते हैं; जुगनू जगमगाते हैं; लता-बेल फूलती, डाल-डाल महकती; सरिता-सर उमड़ते हैं; 'बँसिया स्याम बजावै ना!'
Quick revision: important points
- शब्दार्थ: सरसाइल = फूलों से लद गई, हरसाइल = हर्षित, कजराइल = काजल लगाया, अँचरा = आँचल।
- शब्दार्थ (कजरी): पुरवैया = पूरब की हवा, मेहा = मेघ, दादुर = मेंढक, सर = तालाब, सरसै = आनंद से भर जाना।
- जोड़ियाँ: तालाब-सर, नदी-सरिता, बयार-हवा, भौंरा-भ्रमर।
- 'सुनु रे सखिया' 2024 की बोर्ड परीक्षा में रसास्वादन के विकल्प में पूछा गया।
- लोकगीत = लोक संस्कृति का दर्पण।
Practice MCQs with answers
'सुनु रे सखिया' लोकगीत किस ऋतु से संबंधित है?
- वर्षा
- वसंत
- शरद
- ग्रीष्म
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Answer: B. वसंत
वसंत के आगमन का वर्णन।'कजरी' किस ऋतु का लोकगीत है?
- सावन (वर्षा)
- वसंत
- शिशिर
- हेमंत
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Answer: A. सावन (वर्षा)
सावन का गीत।'पुरवैया' का अर्थ है:
- पूरब की हवा
- पुराना गाँव
- पूर्णिमा
- पुरवाई नदी
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Answer: A. पूरब की हवा
पाठ का शब्दार्थ।'दादुर' का अर्थ है:
- मेंढक
- मोर
- दादा
- बादल
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Answer: A. मेंढक
दादुर = मेंढक।कजरी में धरती को कौन नहलाते हैं?
- रिमझिम बरसते मेघ
- नदियाँ
- ओस
- झरने
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Answer: A. रिमझिम बरसते मेघ
'रिमझिम-रिमझिम मेहा बरसै, धरती काँ नहवावै ना!'
All Class 12 Hindi chapters
- Chapter 2: निराला भाई
- Chapter 4: आदर्श बदला
- Chapter 6: पाप के चार हथियार
- Chapter 8: सुनो किशोरी
- Chapter 10: ओजोन विघटन का संकट
- Chapter 11: कोखजाया
- Chapter 1: नवनिर्माण
- Chapter 3: सच हम नहीं; सच तुम नहीं
- गुरुबानी
- वृंद के दोहे
- Chapter 7: पेड़ होने का अर्थ
- Chapter 9: चुनिंदा शेर
- Chapter 12: लोकगीत (सुनु रे सखिया, कजरी)
- Chapter 13: कनुप्रिया
- Chapter 14: पल्लवन
- Chapter 15: फीचर लेखन
- Chapter 16: मैं उद्घोषक
- Chapter 17: ब्लॉग लेखन
- Chapter 18: प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
- अपठित गद्यांश और पारिभाषिक शब्दावली
- व्याकरण (रस, अलंकार, काल, मुहावरे, वाक्य शुद्धि)